स्वर्ग का राज्य खेत मे छिपे हुए धन के समान है ! कैसे समझे ?
स्वर्ग का राज्य खेत मे छिपे हुए धन के समान है ! कैसे समझे ?
“स्वर्ग का राज्य खेत में छिपे हुए धन के समान है, जिसे किसी मनुष्य ने पा कर छिपा दिया, और आनन्द के मारे जाकर अपना सब कुछ बेचकर उस खेत को मोल लिया।
मत्ती 13:44
स्वर्ग का राज्य खेत मे छुपे हुऐ धन के समान ईसलिऐ है , क्योंकि,
"दुनिया मे सेकड़ो लोग जीवन निर्वाह कर रहे हैं। और स्वर्ग के राज्य कि ज्ञान से परे हैं ; क्योंकि उनकी आंखे ईस संसार कि ईश्वार ने आन्धा कर के रखा है। ( 2 कूरि 4:4) ताकि लोग उस धन को (स्वर्ग राज्य) ना प्राप्त कर सके ।
लेकिन जब यीशु मसिह के आनुग्रह, से सत्य का प्रकाश (वचन) किसि के जिवन मे पड़ जाता है तो उसे सब कुच्छ सुझने लगता है और सब साफ - साफ दिखाई देता है । तब ईनसान को उस छुपे हुऐ धन (स्वर्ग राज्य कि बात) को देख लेता है ! और प्राप्त करने से पहले उसे खो ना दे के डर से छिपा देता है अर्थत किसि से नहीं कहता है जब तक कि प्राप्त कर ना ले। और आखिर कार आपना सब कुच्छ बेच कर (त्याग कर/मन फिराकर) उस खेत को खरिद लेता (आपना लेता) है (पढ़ें लुका 14:33) । और 100 गुना उसको धन प्राप्ति हो जता है (पढ़े मत्ति 6:33) ! फिर उसको देख बहुतों को यीशु मसिह का खेत का मलुम हो जाता है।
दुनिया मे दो खेत हैं एक यीशु मसिह का खेत (सेवकाई) ; दुसरा शैतान का खेत (सेवकाई) ।
"धन्य है वह जो उस धन को प्राप्त करने के लिऐ सब कुच्छ कुरबान करता है"
“स्वर्ग का राज्य खेत में छिपे हुए धन के समान है, जिसे किसी मनुष्य ने पा कर छिपा दिया, और आनन्द के मारे जाकर अपना सब कुछ बेचकर उस खेत को मोल लिया।
मत्ती 13:44
स्वर्ग का राज्य खेत मे छुपे हुऐ धन के समान ईसलिऐ है , क्योंकि,
"दुनिया मे सेकड़ो लोग जीवन निर्वाह कर रहे हैं। और स्वर्ग के राज्य कि ज्ञान से परे हैं ; क्योंकि उनकी आंखे ईस संसार कि ईश्वार ने आन्धा कर के रखा है। ( 2 कूरि 4:4) ताकि लोग उस धन को (स्वर्ग राज्य) ना प्राप्त कर सके ।
लेकिन जब यीशु मसिह के आनुग्रह, से सत्य का प्रकाश (वचन) किसि के जिवन मे पड़ जाता है तो उसे सब कुच्छ सुझने लगता है और सब साफ - साफ दिखाई देता है । तब ईनसान को उस छुपे हुऐ धन (स्वर्ग राज्य कि बात) को देख लेता है ! और प्राप्त करने से पहले उसे खो ना दे के डर से छिपा देता है अर्थत किसि से नहीं कहता है जब तक कि प्राप्त कर ना ले। और आखिर कार आपना सब कुच्छ बेच कर (त्याग कर/मन फिराकर) उस खेत को खरिद लेता (आपना लेता) है (पढ़ें लुका 14:33) । और 100 गुना उसको धन प्राप्ति हो जता है (पढ़े मत्ति 6:33) ! फिर उसको देख बहुतों को यीशु मसिह का खेत का मलुम हो जाता है।
दुनिया मे दो खेत हैं एक यीशु मसिह का खेत (सेवकाई) ; दुसरा शैतान का खेत (सेवकाई) ।
"धन्य है वह जो उस धन को प्राप्त करने के लिऐ सब कुच्छ कुरबान करता है"

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