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ইয়াৰ পাছত, নিজকে ধাৰ্মিক বুলি ভবা আৰু আন লোকক হেয়জ্ঞান কৰা, এনে কিছুমান লোকৰ উদ্দেশ্যে তেওঁ এই দৃষ্টান্ত দিলে। “দুজন মানুহে মন্দিৰত প্ৰাৰ্থনা কৰিবলৈ গ’ল; তেওঁলোকৰ এজন ফৰীচী, আন জন কৰ সংগ্রহকৰী। ফৰীচীয়ে থিয় হৈ নিজৰ মতে এইদৰে প্ৰাৰ্থনা কৰিলে, ‘হে ঈশ্বৰ, মই আন মানুহৰ নিচিনা অপহাৰক, অন্যায়কাৰী, ব্যভিচাৰী, নাইবা এই কৰ সংগ্রহকাৰী জনৰ নিচিনাও নহওঁ, এই কাৰণে মই তোমাৰ স্তুতি কৰোঁ। মই সপ্তাহত দুবাৰ লঘোন দিওঁ; আৰু মোৰ সকলো আয়ৰ দশম ভাগ দান কৰোঁ’। কিন্তু কৰ সংগ্রহকাৰী সকলে আতৰত থিয় হৈ, স্বৰ্গৰ ফালে চকু তুলিবলৈ সাহস নকৰিলে, কিন্তু নিজৰ হিয়া ভুকুৱাই ভুকুৱাই ক’লে, ‘হে ঈশ্বৰ, মই এজন পাপী; মোলৈ প্ৰসন্ন হৈ দয়া কৰক’। মই তোমালোকক কওঁ, সেই ব্যক্তি জন ধাৰ্মিক বুলি প্ৰমাণিত নহব, কিন্তু এই জনহে প্ৰমাণিত হৈ নিজৰ ঘৰলৈ গ’ল; কিয়নো যি কোনোৱে নিজকে নিজে বৰ বুলি মানে, তেওঁক সৰু কৰা হ’ব; কিন্তু যি কোনোৱে নিজকে নিজে সৰু বুলি মানে, তেওঁক বৰ কৰা হ’ব।” লূক 18:9-14 🚩প্ৰাৰ্থনাৰ বাবে যোগাযোগ কৰক - 🌟উজ্জ্বল প্ৰভাতীয় প্ৰাৰ্থনা ভৱন🌟 2 নং দিঘলীয়া (মৰাণ) ডিব্ৰুগড় , অসম। Google Map 🌍 - Ujjal Probhati To...
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এই ফটোখনৰ সম্পুৰ্ণ সত্য এই পষ্টটো পঢ়িলে বুজিব পাৰিব। পঢ়ক অলপ লাহে লাহ .... 📌পাছত যীচুৱে যেতিয়া নাৱেৰে আকৌ সিপাৰলৈ গ’ল, তেতিয়া মানুহৰ বৃহৎ দল এটা তেওঁৰ ওচৰত গোট খালে; সেই সময়ত তেওঁ সাগৰৰ তীৰত আছিল। এনেতে যায়ীৰ নামেৰে নাম-ঘৰৰ অধিকাৰী এজনে আহি তেওঁক দেখি তেওঁৰ চৰণত পৰিল৷ তেওঁ বাৰে বাৰে বিনয় কৰি যীচুক কলে, “মোৰ ছোৱালী জনীৰ মৃত্যু ওচৰ চাপিছে; তাই যেন সুস্থ হৈ জীয়াই থাকে, এই কাৰণে আপুনি আহি, তাইৰ গাত হাত দিয়কহি।” তেতিয়া যীচু তেওঁৰ লগত গ’ল আৰু বহু লোক তেওঁৰ পাছে পাছে গৈ তেওঁক হেঁচি-মেলি ধৰিলে। আৰু সেই সময়ত তাতে বাৰ বছৰ ধৰি তেজ যোৱা ৰোগ ভোগ কৰি থকা তিৰোতা এজনী আছিল৷ অনেক বেজৰ ওচৰত চিকিৎসা কৰি আৰু সৰ্ব্বস্ব খৰচ কৰিও তেওঁ সুস্থ হোৱা নাছিল, কিন্তু বেচি কষ্টহে পাই আছিল৷ তেওঁ যীচুৰ বিষয়ে শুনি, লোক সকলৰ মাজত সোমাল আৰু তেওঁৰ পাছফালেদি আহি, তেওঁৰ কাপোৰ চুলে৷ কিয়নো তেওঁ কৈছিল, ‘মই যদি তেওঁৰ কাপোৰ মাথোন চুবলৈ পাওঁ, তেতিয়াও মই ৰক্ষা পাম’। তেতিয়া তেওঁ যীচুক চুবলৈ পাই, তেওঁৰ তেজ বৈ থকা শুকাই গ’ল আৰু তেওঁ শৰীৰত সেই ব্যাধিৰ পৰা মুক্ত হোৱা গম পালে। সেই সময়ত যীচুৱে নিজৰ পৰা শক্তি ওলাই যোৱ...

स्वर्ग का राज्य खेत मे छिपे हुए धन के समान है ! कैसे समझे ?

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स्वर्ग का राज्य खेत मे छिपे हुए धन के समान है ! कैसे समझे ? “स्वर्ग का राज्य खेत में छिपे हुए धन के समान है, जिसे किसी मनुष्य ने पा कर छिपा दिया, और आनन्द के मारे जाकर अपना सब कुछ बेचकर उस खेत को मोल लिया। मत्ती 13:44 स्वर्ग का राज्य खेत मे छुपे हुऐ धन के समान ईसलिऐ है , क्योंकि, "दुनिया मे सेकड़ो लोग जीवन निर्वाह कर रहे हैं। और स्वर्ग के राज्य कि ज्ञान से परे हैं ; क्योंकि उनकी आंखे ईस संसार कि ईश्वार ने आन्धा कर के रखा है। ( 2 कूरि 4:4) ताकि लोग उस धन को (स्वर्ग राज्य) ना प्राप्त कर सके । लेकिन जब यीशु मसिह के आनुग्रह, से सत्य का प्रकाश (वचन)  किसि के जिवन मे पड़ जाता है तो उसे सब कुच्छ सुझने लगता है और  सब साफ - साफ दिखाई देता है । तब ईनसान को उस छुपे हुऐ धन (स्वर्ग राज्य कि बात) को देख लेता है ! और प्राप्त करने से पहले उसे खो ना दे के डर से छिपा देता है अर्थत किसि से नहीं कहता है जब तक कि प्राप्त कर ना ले। और आखिर कार आपना सब कुच्छ बेच कर (त्याग कर/मन फिराकर)  उस खेत को खरिद लेता (आपना लेता) है (पढ़ें लुका 14:33) । और 100 गुना उसको धन प्राप्ति हो जता है (पढ़े मत्त...

त्रिएक परमेश्वर Trinity

परमेश्वर प्रेम है। और आपने प्रेम को प्रकाश करने हेतु;  आपने आप को त्रय अर्थत तीन व्यक्तित्व मे भिभाजीत कर के प्रगाट करता है । निश्चय उसके अद्भुत  प्रेम  को कोई भि नाप नहीं सकता, मनुष्यों के विच मे पिता बन कर खड़ा रहा ;फिर पुत्र और पवित्र आत्मा ! काई सारे वचन है जो ईनसान को उलझान मे डाल देते हैं जैसे - 📌और यीशु बपतिस्मा लेकर तुरन्त पानी में से ऊपर आया, और उसके लिये आकाश खुल गया; और उसने परमेश्‍वर की आत्मा को कबूतर के समान उतरते और अपने ऊपर आते देखा। और यह आकाशवाणी हुई, “यह मेरा प्रिय पुत्र है, जिससे मैं अत्यन्त प्रसन्‍न हूँ।”* (भज. 2:7) मत्ती 3:16-17 📌“उस दिन और उस घड़ी के विषय में कोई नहीं जानता, न स्वर्ग के दूतों, और न पुत्र, परन्तु केवल पिता। मत्ती 24:36 📌और अब, हे पिता, तू अपने साथ मेरी महिमा उस महिमा से कर जो जगत की सृष्टि पहले, मेरी तेरे साथ थी। यूहन्ना 17:5 लोग सोचते हैं आईसा क्यों?? हम सभी जानते हैं यहोवा जो आद्भुत युक्ति करनेवाला परमेश्वर है ; कुच्छ भि कर सकता है , और कुच्छ भि हो सकता है । ईसलिऐ मुसा जब उसका नाम पुच्छा तो  🔴परमेश्‍वर ने मूसा स...

Is Pleading the BLOOD of JESUS Biblical? क्या यशु के लहू से प्रार्थना करना बाइबिल आधारित और सही है?

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Watch the video & study - https://youtu.be/TW6_xVwuvRw Is Pleading the BLOOD of JESUS Biblical?  क्या यशु के लहू से प्रार्थना करना बाइबिल आधारित और सही है? क्या नये नियम मे हमें ईस विषय मे शिक्षा मिलती है? क्या प्रभु के दास लोग आईसे प्रार्थना करते थे ? निचे दिये वचनो को देखें ⤵  🔴हमारे पापों की क्षमा और एक पवित्र (शुद्ध) जीवन जीने के संदर्भ में पवित्रशास्त्र के अंश Matthew 26:27-28, Hebrews 9:12,14, 12:22-24, 13:12,20, Romans 3:24-25, 5:9, Ephesians 1:7, 2:13, 1 Peter 1:2, 18-19, 1 John 1:7, 4:10, Revelation 12:11 🔴पवित्र जीवन जीने के लिए पवित्रशास्त्र के अंश 1 John 1:9, 2 Peter 1:3-11, 1 Peter 1:15, 5:8, James 4:7, Hebrews 12:1-2, Titus 2:11-12, 2 Timothy 2:20-23, Colossians 3:1-3, Ephesians 4:22-24, Galatians 5:16, 1 Corinthians 6:13-14, 19-20, 10:13, 15:56-57, Romans 12:1-2, Matthew 6:9-13. 🔴 पतरस, यूहन्ना, सिलास, पौलुस और कलीसिया के प्राचीनों की क्या प्रतिक्रिया Acts 4: 13-30, Acts 16: 22-25, Acts 20: 17-38, 2 Corinthians 11: 23-30, 12:10

मसिह कि जिम्मेदारी

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मसिह कि जिम्मेदारी मसिह मे प्रिय भाई-बहनो! आगर आप कहते हैं हम यीशु पर विश्वास करते हैं! पर उसकि जिम्मेदारी को लेना नही चहते तो आप अपना जीवन खो रहें हैं। उसके 'क्रुस' (जिम्मेदारी) को कन्धो मे लिऐ चले। प्रभु आपको आशिष दे। आमिन।।