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Showing posts from June, 2020

त्रिएक परमेश्वर Trinity

परमेश्वर प्रेम है। और आपने प्रेम को प्रकाश करने हेतु;  आपने आप को त्रय अर्थत तीन व्यक्तित्व मे भिभाजीत कर के प्रगाट करता है । निश्चय उसके अद्भुत  प्रेम  को कोई भि नाप नहीं सकता, मनुष्यों के विच मे पिता बन कर खड़ा रहा ;फिर पुत्र और पवित्र आत्मा ! काई सारे वचन है जो ईनसान को उलझान मे डाल देते हैं जैसे - 📌और यीशु बपतिस्मा लेकर तुरन्त पानी में से ऊपर आया, और उसके लिये आकाश खुल गया; और उसने परमेश्‍वर की आत्मा को कबूतर के समान उतरते और अपने ऊपर आते देखा। और यह आकाशवाणी हुई, “यह मेरा प्रिय पुत्र है, जिससे मैं अत्यन्त प्रसन्‍न हूँ।”* (भज. 2:7) मत्ती 3:16-17 📌“उस दिन और उस घड़ी के विषय में कोई नहीं जानता, न स्वर्ग के दूतों, और न पुत्र, परन्तु केवल पिता। मत्ती 24:36 📌और अब, हे पिता, तू अपने साथ मेरी महिमा उस महिमा से कर जो जगत की सृष्टि पहले, मेरी तेरे साथ थी। यूहन्ना 17:5 लोग सोचते हैं आईसा क्यों?? हम सभी जानते हैं यहोवा जो आद्भुत युक्ति करनेवाला परमेश्वर है ; कुच्छ भि कर सकता है , और कुच्छ भि हो सकता है । ईसलिऐ मुसा जब उसका नाम पुच्छा तो  🔴परमेश्‍वर ने मूसा स...

Is Pleading the BLOOD of JESUS Biblical? क्या यशु के लहू से प्रार्थना करना बाइबिल आधारित और सही है?

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Watch the video & study - https://youtu.be/TW6_xVwuvRw Is Pleading the BLOOD of JESUS Biblical?  क्या यशु के लहू से प्रार्थना करना बाइबिल आधारित और सही है? क्या नये नियम मे हमें ईस विषय मे शिक्षा मिलती है? क्या प्रभु के दास लोग आईसे प्रार्थना करते थे ? निचे दिये वचनो को देखें ⤵  🔴हमारे पापों की क्षमा और एक पवित्र (शुद्ध) जीवन जीने के संदर्भ में पवित्रशास्त्र के अंश Matthew 26:27-28, Hebrews 9:12,14, 12:22-24, 13:12,20, Romans 3:24-25, 5:9, Ephesians 1:7, 2:13, 1 Peter 1:2, 18-19, 1 John 1:7, 4:10, Revelation 12:11 🔴पवित्र जीवन जीने के लिए पवित्रशास्त्र के अंश 1 John 1:9, 2 Peter 1:3-11, 1 Peter 1:15, 5:8, James 4:7, Hebrews 12:1-2, Titus 2:11-12, 2 Timothy 2:20-23, Colossians 3:1-3, Ephesians 4:22-24, Galatians 5:16, 1 Corinthians 6:13-14, 19-20, 10:13, 15:56-57, Romans 12:1-2, Matthew 6:9-13. 🔴 पतरस, यूहन्ना, सिलास, पौलुस और कलीसिया के प्राचीनों की क्या प्रतिक्रिया Acts 4: 13-30, Acts 16: 22-25, Acts 20: 17-38, 2 Corinthians 11: 23-30, 12:10