त्रिएक परमेश्वर Trinity
परमेश्वर प्रेम है। और आपने प्रेम को प्रकाश करने हेतु; आपने आप को त्रय अर्थत तीन व्यक्तित्व मे भिभाजीत कर के प्रगाट करता है । निश्चय उसके अद्भुत प्रेम को कोई भि नाप नहीं सकता, मनुष्यों के विच मे पिता बन कर खड़ा रहा ;फिर पुत्र और पवित्र आत्मा ! काई सारे वचन है जो ईनसान को उलझान मे डाल देते हैं जैसे - 📌और यीशु बपतिस्मा लेकर तुरन्त पानी में से ऊपर आया, और उसके लिये आकाश खुल गया; और उसने परमेश्वर की आत्मा को कबूतर के समान उतरते और अपने ऊपर आते देखा। और यह आकाशवाणी हुई, “यह मेरा प्रिय पुत्र है, जिससे मैं अत्यन्त प्रसन्न हूँ।”* (भज. 2:7) मत्ती 3:16-17 📌“उस दिन और उस घड़ी के विषय में कोई नहीं जानता, न स्वर्ग के दूतों, और न पुत्र, परन्तु केवल पिता। मत्ती 24:36 📌और अब, हे पिता, तू अपने साथ मेरी महिमा उस महिमा से कर जो जगत की सृष्टि पहले, मेरी तेरे साथ थी। यूहन्ना 17:5 लोग सोचते हैं आईसा क्यों?? हम सभी जानते हैं यहोवा जो आद्भुत युक्ति करनेवाला परमेश्वर है ; कुच्छ भि कर सकता है , और कुच्छ भि हो सकता है । ईसलिऐ मुसा जब उसका नाम पुच्छा तो 🔴परमेश्वर ने मूसा स...